The beginning of six-day program “Literary Festival” organized by Sahitya Akademi! This is the first day (नई दिल्ली) : “साहित्य अकादेमी” द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला वार्षिक उत्सव ‘साहित्योत्सव 2019’ का आगाज आज साहित्य अकादेमी की प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुआ. इस प्रदर्शनी में अकादेमी की वर्षभर की गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया है. प्रदर्शनी का उद्घाटन पदम भूषण सम्मान प्राप्त प्रख्यात लेखक, दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं राज्य सभा के माननीय पूर्व संसद सदस्य ‘मृणाल मिरी’ द्वारा सुबह 10 बजे रवीन्द्र भवन परिसर में किया गया.

साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित छः दिवसीय कार्यक्रम "साहित्योत्सव" की हुई शुरुआत! पहले दिन ये रहा खास..

इस अवसर पर पारंपरिक दक्षिण भारतीय वाध यंत्रों के बीच दीप प्रज्जवलन भी किया गया. मृणाल मिरी के साथ साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष ‘चंद्रशेखर कंबार’, उपाध्यक्ष ‘माधव कौशिक’, साहित्य अकादेमी के सचिव ‘के. श्रीनिवासराव’ एवं विभिन्न भारतीय भाषायों के संयोजक भी उपस्थित थे. अपने संबोधन में साहित्य अकादेमी के सभिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि इस प्रदर्शनी में जहां पिछले वर्ष की प्रमुख गतिविधियों को दर्शाया गया है वहीँ ‘महात्मा गांधी’ के 150वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष कॉर्नर बनाया गया है, जिसमें महात्मा गांधी द्वारा लिखित और उन पर लिखी गई लगभग 700 पुस्तकें भी प्रदर्शित की जा रही हैं.

उन्होंने आने वाले दिनों में साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों विशेषकर अखिल भारतीय आदिवासी लेखिका सम्मलेन और ट्रांसजेंडर कवी सम्मलेन के बारे में भी जानकारी दी. साहित्य अकादेमी 501 साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें नागालैंड, मिजोरम और अंडमान और निकोबार में पहली बार कार्यक्रम आयोजित किए गए. आगे उन्होंने अकादेमी द्वारा 493 पुस्तकें प्रकाशित करने की जानकारी दी. अकादेमी 197 से अधिक पुस्तक मेलों में शामिल हुई और पुस्तकों की बिक्री राशि 4.25 करोड़ रही. उद्घाटन के पश्चात् सचिव महोदय ने विशिष्ठ अतिथियों को पूरी प्रदर्शनी का अवलोकन कराया.

साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित छः दिवसीय कार्यक्रम "साहित्योत्सव" की हुई शुरुआत! पहले दिन ये रहा खास..

दोपहर 2 बजे साहित्य अकादेमी भाषा सम्मान अर्पण समारोह रवीन्द्र भवन परिसर में आयोजित हुआ. साहित्य अकादेमी द्वारा भाषा सम्मान कालजयी एवं मध्यकालीन साहित्य एवं क्षेत्रीय भाषायों के संरक्षण संवर्धन और प्रोत्साहन में उल्लेखनीय योगदान करने वाले विद्वानों/लेखकों को प्रदान किए जाते हैं. इस वर्ष कालजयी एवं मध्यकालीन साहित्य के लिए भाषा सम्मान से पुरस्कृत लेखक हैं- योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ (उत्तरी क्षेत्र), ‘गगनेंद्र नाथ दाश’ (पूर्वी क्षेत्र), ‘शैलजा शंकर बापट’ (पश्चिमी क्षेत्र) तथा कोशल-संबलपुरी के लिए ‘प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी’, हलधर नाग’, पाइते भाषा के लिए ‘एच. नेंगसाड़’ हरियाणवी के लिए ‘द्विवेदी और शमीम शर्मा’.

भाषा सम्मान साहित्य अकादेमी हमारी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण भी है और भाग्यशाली भी क्योंकि एक तरफ जहां हमारे देश में चार हजार से अधिक भाषाएं एवं बोलियां हैं वहीं कुछ दिनों के अंतराल में कुछ भाषाएं हमारे बीच से गायब होती जा रही हैं. कार्यक्रम का समाहार वक्तव्य साहित्य अकादेमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक ने दिया. उन्होंने कहा कि देश की भाषा विविधता हमारे लिए एक काल पात्र की तरह है जिसमें ज्ञान के हजारों पन्ने सुरक्षित हैं. यह वह ज्ञान है जो हमारे पूर्वजों ने सदियों से अपने अनुभवों के आधार पर तैयार किया है.

साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित छः दिवसीय कार्यक्रम "साहित्योत्सव" की हुई शुरुआत! पहले दिन ये रहा खास..

अपने स्वागत भाषण में अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि अकादेमी के लिए हर भाषा महान है और उसको बचाना उसका कार्य है. साहित्य अकादेमी इन पुरस्कारों के जरिए अलिखित और बातचीत भाषओं/बोलियों को बचाने का प्रयास कर रही है. भाषा सम्मान प्राप्त करने के बाद पुरस्कृत रचनाकारों ने पाठकों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किए. सभी का मानना था कि नई पीढ़ी को अधिक सजगता से उनका साथ देकर इन सभी भाषाओँ को बचाना होगा.

दोपहर 3 बजे अखिल भारतीय आदिवासी लेखिका सम्मलेन आयोजित किया गया जिसकी विशिष्ट अतिथि प्रख्यात बाड्ला लेखिका ‘अनीता अग्निहोत्री’ मौजूद रही थी. स्वागत भाषण देते हुए ककादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने कहा कि आदिवासी साहित्य सबसे प्राचीन साहित्य है और इसको सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. अकादेमी इस तरह का आयोजन पहली बार कर रही है और आगे भी उन्हें समय-समय पर मंच प्रदान करती रहेगी. ज्ञात हो कि इस कार्यक्रम में 36 भाषाओँ की 43 आदिवासी लेखिकाओं को अपनी रचना प्रस्तुत करेंगी. शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत बैगा नृत्य की प्रस्तुति की गई.

साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित छः दिवसीय कार्यक्रम "साहित्योत्सव" की हुई शुरुआत! पहले दिन ये रहा खास..

29 जनवरी को साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2018 अर्पण समारोह कमानी सभागार में सायं 5.30 बजे किया जाएगा. प्रख्यात ओड़िया लेखक और साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य ‘मनोज दास’ समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. प्रख्यात श्रीलंकाई लेखक और साहित्य अकादेमी के प्रेमचंद फेलोशिप से सम्मानित सांतन अय्यातुरै समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे.

Facebook Comments