आइसलैंड की चित्रकार डोमिनिक ने उकेरे प्रकृति के विविध रंग! कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रों प्रदर्शनी हुई प्रारंभ

त्रिवेणी, 9 मई, 2018 – कला केंद्र ‘त्रिवेणी’ में इन दिनों आइसलैंड की चित्रकार डोमिनिक की चित्र प्रदर्शनी लगी लगी हुई है और इनकी चित्रकारिता को खूब सराहा जा रहा है.

आइसलैंड की चित्रकार डोमिनिक ने उकेरे प्रकृति के विविध रंग! कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रों प्रदर्शनी हुई प्रारंभ

फ्रांस में जन्मी, कनाडा में पढ़ी और आइसलैंड में विवाहित डोमिनिक (Dominique Ambroise Ibsen) ने मानवता से अपने रिश्ते में एक विशेषाधिकार प्राप्त किया है जो भौगोलिक और राजनैतिक सीमाओं से कहीं ऊपर है. इसके अलावा एक राजनयिक की पत्नी होने के कारण उनको अपने जीवन में बहुत से बदलावों का हमेशा से ही सामना करना पड़ा और उसका उन्होंने अपनी रचनात्मकता में लाभ उठाया है. एमएफए (York University, Toronto, Canada) के दौरान उन्होंने प्रिंट मेकिंग सीखा, जिसकी वजह से उनकी जीवन शैली में खास प्रभाव दिखता है.

आइसलैंड की चित्रकार डोमिनिक ने उकेरे प्रकृति के विविध रंग! कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रों प्रदर्शनी हुई प्रारंभ

कैनवास पर जो उनकी प्रदर्शनी खुलती है तो वह कभी भी सीधी या एक दिशा की नहीं होती. डोमिनिक अपने अनुभवों और भावनाओं के सभी तत्वों को तोड़ कर बिखरा देती हैं और वह कैनवास पर बहुत ही सावधानी से एक-एक सतहों को जोड़ते हुए एक नई कहानी की रचना करती हैं.

क्यूरेटर गार्गी सेठ ने बताया..

कुछ सच्चे और कुछ काल्पनिक रहस्यमयी बगीचे हमेशा से ही डोमोनिक के कार्य को प्रभावित करते रहे हैं. शुरू-शुरू में बार-बार दिखाई देने वाले कुछ मोतिया जैसे खुद अपनी छवि, परिवार के लोग, पालतू और अन्य जानवर शक्तिशाली रूप में प्रयोग किये गये, कभी छोटी उम्र के क्रोध और कभी अनभेषण के जोर को दर्शाने के लिए उन्होंने खुद को अपने कैनवास पर अलग-अलग शैलियों में देखा और उनके मन में इस तरह के कुछ विचार आये, जैस – प्रकृर्ति में कभी घुल जाना, कभी नमन करना और कभी हावी हो जाना आदि.

आइसलैंड की चित्रकार डोमिनिक ने उकेरे प्रकृति के विविध रंग! कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रों प्रदर्शनी हुई प्रारंभ

आइसलैंड की बीहड़ और भयावी सुन्दरता इनके लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि साबित हुई. लेकिन पिछले कुछ सालों में उनका भीतरी विश्व कुछ शांत, कुछ मधुर हुआ. उसके बाद फिर भारत में आने पर यहां की विविधता अधिकता और भीड़ उनके कार्य पर छा गई और कंपकपाती हुई ताकत से डोमिनिक के कैनवास पर मानो जश्न मनाने लगे.

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