कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रकार राधिका सुराना के चित्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

त्रिवेणी : आदिकाल से ही प्रकृति अपने वैविध्यपूर्ण स्वभाव एवं नाना प्रकार के रूपों के कारण कलाकारों के सृजन का माध्यम रही है. कला एक ऐसा स्रोत है जो आदिकाल से आज तक सतत प्रेरणास्पद रहा है और अब भी नई-नई संभावनाओं के द्वार खोलता आ रहा है.

कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रकार राधिका सुराना के चित्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

उभरती हुई चित्रकार राधिका सुराना ने भी प्रकृति एवं प्रकृति प्रदत्त जानवरों को अपने सृजन का माध्यम बनाकर अपने रचना चित्रों में उकेरा है. राधिका जयपुर की रहने वाली हैं और कलाकार होने के साथ-साथ ये एक शास्त्रीय गायक भी हैं.

इन दिनों कला केंद्र त्रिवेणी में इनकी कला रचना की 8वीं एकल प्रदर्शनी लगी हुई है जो कि 4 मई से 14 में तक चलेगी. राधिका सुराना ने अपनी चित्रकला में पेन्सिल स्केच, चारकोल, इंक आदि के माध्यम से बेहतर चित्रकारिता का प्रदर्शन किया है जो कि इनके रचना चित्रों में साफ़ झलकता है.

कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रकार राधिका सुराना के चित्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

गौशाला को देखते हुए इन्होंने गौमाता के अलग-अलग चित्रों को बहुत ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया है. साथ ही इन्होंने कुछ मानव आकृतियाँ भी बनाई हैं जो कि एक स्टूडियो के ही कुछ लोगों की हैं.

कला केंद्र 'त्रिवेणी' में चित्रकार राधिका सुराना के चित्रों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

इससे पहले राधिका सुराना की चित्रकला की प्रदर्शनी बनारस, उदयपुर, ललित कला अकादमी, इंडिया हाबीटाट सेंटर आदि जगहों में लग चुकी है. सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि आगामी 15 या 16 जून को इनकी कला प्रदर्शनी आस्ट्रिया (यूरोप) में भी प्रदर्शित होने जा रही है.

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