ललित कला अकादमी, नई दिल्ली : कलाओं में जो श्रेष्‍ठ कला, वह है चित्रकला. मनुष्‍य स्‍वभाव से ही अनुकरण की प्रवृत्ति रखता है. जैसा देखता है उसी प्रकार अपने को ढालने का प्रयत्‍न करता है. यही उसकी आत्‍माभिव्‍यंजना है. अपनी रंगों से भरी तूलिका से चित्रकार जन भावनाओं की अभिव्‍यक्ति करता है तो दर्शक हतप्रभ रह जाता है.

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

कला का रूप इतिहास के पन्नो में दिखता आया है और उसका जन्म कलाकार की कला से हुआ है. हम उस देश में रहते है, जहाँ कला से उसकी पहचान है, चाहे वो किसी भी क्षेत्र से हो. आज भारत में सब कुछ बदल गया है, साथ ही बदल रही है कला और कलाकार. विदेशी सभ्यता अब कला में भी देखने को मिलता है. समय बदला है, इतिहास बदला है और कलाकार भी बदल गया है, कहा जाता है कि समय के साथ सब को बदलना चाहिए लेकिन अपनी सोच नहीं बदलनी चाहिए.

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

इन दिनों ललित कला अकादमी में चित्रकार अभिषेक कुमार के चित्रों की प्रदर्शनी लगी हुई है. इनकी इस प्रदर्शनी का  विषय ‘कुसुम’ है. इनकी चित्रकला में ‘‘जीवन’’ और ‘‘समय’’ दोनों ही दिखाई देते हैं.

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

इन्होने सबसे पहले के पत्तों को लेकर काम किया क्योंकि इस कलाकार की सोच है कि जीवन में कब समय बदल जायेगा, वो किसी को पता नहीं होता. तास के पत्तों में जो अंक बने होते है, उसे समय के साथ जोड़ा और सफेद रंग जो इंसान के जीवन का रंग होता है, कहा जाता है सफेद कपड़े को जिस रंग में ढालो उस रंग का हो जाता है, उसी तरह इंसान जिस तरह सोचता है, उसके विचार उसी तरह दिखाई देते हैं.

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

रचना चित्रों में दिखी हिंदू संस्कृति की झलक..

अभिषेक कुमार के रचना चित्रों में भारतीय संस्कृति और हिंदू देवी-देवताओं की सुंदर झलक देखने को मिलती है. गंगा मैया, शिव-पार्वती, विष्णु गौमाता और महाभारत को बहुत शानदार तरीके से इन्होने अपनी चित्रकला में उकेरा है.

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

अभिषेक कुमार के अनुसार ”मैंने काफी विषयों पर काम किया, लेकिन मैंने सोचा की अपनी सभ्यता और अपनी लोक कला दोनों लेकर काम करूँ क्योंकि ये धीरे-धीरे खत्म हो रही है और उसको हम ही बचा सकते है. मैंने कला को नया रूप देकर ही अपनी सभ्यता को दिखाने की कोशिश की है.”

ललित कला अकादमी : चित्रकार अभिषेक कुमार के हिंदू संस्कृति पर आधारित रचना चित्रों ने जीता कला प्रेमियों का दिल

अभिषेक कुमार के रचना चित्रों की प्रदर्शनी दिल्ली, मुंबई, पटना समेत आदि जगहों पर कला प्रेमियों का दिल जीत चुकी है. दिल्ली की ललित कला अकादमी में यह प्रदर्शनी 6 से 12 अक्टूबर तक देखी जा सकती है.

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